फ्रैडरिक बास्तियात का जन्म 30 जून 1801 को बेयोन, फ्रांस मे हुआ था। आर्थिक सिद्धांत को लोकप्रिय बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान था। उनको आज उनके व्यंग्य 'द पिटिशन ऑफ द केंडलमेकर्स' के लिए जाना जाता है। 1846 में लिखे गए इस व्यंग्य में मोमबत्ती बनाने वालों का एक समूह सरकार के सामने सूरज से मिल रही अनुचित (अनफेयर) प्रतिस्पर्धा से बचाने की गुहार लगाता है। संरक्षणवाद की इतने सधे हुए शब्दों में खिल्ली उड़ाने वाला दूसरा व्यंग्य मिलना मुश्किल है।

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आइये  जानें – विचारक और विचार

फ्रेडरिक  बास्तियातः उदारवादी चिंतक

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"दि कैंडलमेकर्स पेटीशन” और "दि पेरेबल ऑफ दी ब्रोकन विंडो" के साथ ही 1850 में लिखा गया निबंध "दि लॉ" फ्रेडरिक बास्तियात की सर्वाधिक प्रसिद्ध रचनाओं में शामिल है। "दि लॉ" चरणबद्ध तरीके से कानूनों की न्यायोचित व्यवस्था की व्याख्या करते हुए दिखाता है कि किस तरह ये कानून मुक्त समाज का सृजन करते हैं। उनका यह निबंध जॉन लॉक के

रोशनी के लिए विभिन्न उत्पाद बनाने वालों के लिए तैयार की गई "कैंडलमेकर्स पिटिशन" (याचिका) संरक्षणवाद पर एक ख्यात व्यंग्य है। फ्रांसीसी अर्थशास्त्री फ्रैडरिक बास्तियात द्वारा लिखित और प्रकाशित यह व्यंग्य 1845 में उनकी रचना इकानॉमिक सोफिज़्म का ही हिस्सा था। यह एक तरह से, एडम स्मिथ द्वारा शुरू की गई मुक्त बाजार बनाम वाणिज्यवाद (वणिकवाद) की बहस का विस्तार था।

वर्ष 1850 में प्रकाशित फ्रेडरिक बास्तियात की सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है “क्या देखा जाता है और क्या नहीं देखा जाता है.” इस निबंध के पहले पैराग्राफ में बास्तियात पाठकों को एक अर्थशास्त्री बनने के लिए तैयार करते हैं और उसके बाद “टूटी खिड़की की कहानी” के जरिये किसी की संपत्ति के नष्ट होने में छिपी लागत का बखूबी चित्रण करते हैं। इस कहानी को टूटी खिड़की के दृष्टांत के तौर पर भी जाना जाता है, जिसमें कुछ लोग