ताज़ा पोस्ट

Thursday, April 28, 2016
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गत दिनों दिल्ली सरकार के नीतिगत फैसलों में परस्पर विरोधाभाष पैदा करतीं दो ख़बरें मीडिया में आईं। बीस अप्रैल को मीडिया में एक खबर आई कि ऑड-इवन के दौरान निजी टैक्सी कम्पनियों द्वारा सर्ज-प्राइसिंग अर्थात मांग और आपूर्ति के आधार पर कैब कम्पनियों द्वारा किराया तय किये जाने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री बहुत नाराज हैं। मुख्यमंत्री द्वारा इसे खुली लूट बताते हुए इसपर हमेशा के लिए प्रतिबन्ध लगाने की भी बात ख़बरों के माध्यम से सामने आई। इस खबर के ठीक दो दिन बाद एक दूसरी खबर यह आई कि दिल्ली सरकार ऐप आधारित प्रीमियम बस सेवा शुरू करने वाली है। दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री द्वारा २२ अप्रैल को ऐप आधारित बस सेवा शुरू करने की घोषणा की गयी।

राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित इस खबर के मुताबिक़ दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने बताया कि जिन बस मालिकों की बसें इसके तहत...

Thursday, April 21, 2016
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लातूर मे आज पानी की स्थिति इतनी भयानक है कि ट्रेन मे पानी भरकर उनकी प्यास बुझाई जा रही है। देश के कम से कम 9-10 राज्य अभूतपूर्व जल संकट से झूझ रहे हैं। मुंबई हाईकोर्ट पहले ही आईपीएल मैच जल संकट के कारण कहीं ओर कराने का आदेश दे चुका है। सूप्रीम कोर्ट भी इससे पहले केंद्र को पानी के मामले मे फटकार लगा चुका है। बुंदेलखंड और उसके आसपास के इलाकों से लोगो का पलायन जारी है। भारत की राजधानी दिल्ली भी इससे अछूती नहीं है। अभी कुछ दिनों पहले ही जाट आरक्षण के मुद्दे पर गरमाई राजनीति में जब दिल्ली का पानी बंद कर दिया गया तब सारी दिल्ली त्राहिमाम कर उठी। पंजाब-हरियाणा जल बंटवारा विवाद के बीच हरियाणा दिल्ली का पानी बंद करने की धमकी दे चुका है। इस सब के बीच लोगो के मन में ये सवाल उठना लाज़मी है कि भारत सरकार का जल मंत्रालय इन सबके बीच क्या योजना बना रही है? हलांकि आम आदमी जानता है कि नतीजा कुछ नही होगा इसलिए आश्वस्त भी है और...

Wednesday, April 13, 2016

स्किल डेवलपमेंट अर्थात् कौशल विकास वर्तमान दौर में एक वैश्विक मुद्दा बन चुका है। इसमें कोई शक नही कि तकनीक के इस दौर में दुनिया को स्किल्ड लोगों की जबरदस्त मांग है। दुनिया उन देशों की तरफ देख रही है जहाँ युवाओं की संख्या ज्यादा है और वे युवा वर्तमान दौर के हिसाब से कौशलयुक्त हैं। इस लिहाज से सोचा जाय तो भारत एक संभावनाओं का देश है क्योंकि यहाँ की पैसठ फीसद आबादी पैंतीस साल से कम आयु की है। लिहाजा युवाओं को स्किल्ड बनाने की चुनौती और दुनिया की अपेक्षाओं के अनुरूप युवाशक्ति तैयार करने का दबाव भी भारत पर है। अब सवाल है कि क्या हम अपने प्रयासों से अबतक दुनिया अथवा अपनी जरूरतों के अनुरूप स्किल्ड लोग तैयार कर पाने में सफल हो रहे हैं? भारत के लिहाज से देखें तो स्किल डेवेलपमेंट अर्थात् कौशल विकास शब्द पिछले कुछ वर्षों से चर्चा में है।

गत संप्रग सरकार...

Thursday, April 07, 2016

मुक्त व्यापार ने अपना प्रभाव ब्रिटिश कालीन भारत में भी छोड़ा। अंग्रेजों ने प्रथम विश्व युद्ध शुरू होने से पूर्व तक, सन 1914 तक, मुक्त बाजार-अर्थव्यवस्था को संचालित किया। सन 1914 में भारत, ब्रिटिश कपड़े की अपेक्षा, ब्रिटिश कपड़ा बनाने वाली मशीनों का सबसे बड़ा आयातक देश था। इस प्रकार भारत इंग्लैंड से आयातित मशीनों से उत्पादन कर कपड़े का बड़ा निर्माता बन रहा था।

सन 1919 की ब्रिटिश व्यापार आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार बहुत सी ऐसी बड़ी व्यापारिक संस्थाओं ने, जो ब्रिटेन में बनी अभियांत्रिक वस्तुओं का लेन-देन करती थी, ने भारत में स्वयं का उत्पादन प्रारंभ कर दिया और ब्रिटेन में बनी वस्तुओं की भारत में बिक्री करने के लिए आपत्ति दर्ज की।
उन्होंने ब्रिटेन में बनी वस्तुओं का लेन-देन बंद कर दिया लेकिन अब उन्होंने स्थानीय बाजार स्थापित कर लिए, स्थानीय...

Tuesday, April 05, 2016

- सेंटर फॉर सिविल सोसायटी ने महाराष्ट्र में तीन वर्षों तक चलाया 'स्किल वाउचर' पायलट प्रोजेक्ट
- कैरियर मेले का आयोजन कर 2000 युवाओं के कौशल विकास में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
- 3-4 माह के प्रशिक्षण के बाद युवाओं को अमेजन व एचडीएफसी बैंक सहित तमाम राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कंपनियों में मिली नौकरी

युवाओं से नौकरी की तलाश करने की बजाए नौकरी पैदा करने का आह्वान करने वाली केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी 'कौशल विकास' योजना को समाज के सभी वर्गों का समर्थन हासिल हो रहा है। सरकार व सरकारी एजेंसियों की मदद करने व फंडिंग के लीकेज को न्यूनतम कर इस योजना को सफल बनाने के लिए थिंकटैंक 'सेंटर फॉर सिविल सोसायटी' (सीसीएस) भी आगे आया है। सीसीएस ने इस संदर्भ में एक विशेष 'टूलकिट' लॉ़ंच किया है। टूलकिट का निर्माण महाराष्ट्र में तीन वर्षों तक...

Friday, April 01, 2016
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आज से ठीक पांच साल पहले १ अप्रैल २०१० को 'शिक्षा का अधिकार' क़ानून ८६वें संशोधन के तहत लागू किया गया था। इस क़ानून को लागू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य यही था कि 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा की गारंटी दी जाय। इस क़ानून के लागू होने के बाद शिक्षा प्राप्त करना न सिर्फ हर बच्चे का अधिकार बना बल्कि सरकार की यह जवाबदेही तय हो गयी कि वो 6 से 14 साल के प्रत्येक बच्चे की शिक्षा सुनिश्चित कर सके। प्रथम दृष्टया जब इस  कानून और  इसके उद्देश्यों को देखते हैं तो बेहद आदर्श स्थिति नजर आती है। ऐसा लगता है कि सबको शिक्षा मुहैया कराने की दिशा में यह क़ानून परिवर्तनकारी साबित होगा। लेकिन आज शिक्षा का अधिकार क़ानून लागू होने के पांच साल बाद जब इसके उद्देश्यों के मापदंडों पर इस क़ानून का मूल्यांकन करते हैं तो स्थिति पहले से बदतर नजर आती है। गहराई से देखने पर ऐसा लगता है कि यह क़ानून शिक्षा को सुलभ बनाने की बजाय...

मुक्त बाज़ार और नैतिक चरित्र

Morality of Marketक्या मुक्त बाज़ार हमारी नैतिकता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है? जाने कुछ विशेषज्ञों की राय...

आज़ादी ब्लॉग

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Thursday, April 21, 2016
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से देशभर में युवा सशक्तिकरण का अभियान पूरी लगन से जारी है। न सिर्फ केंद्र बल्कि राज्य सरका...

Tuesday, March 08, 2016
रूस में पैदा हुई विख्यात अमेरिकी उपन्यासकार, दार्शनिक, नाटककार व 'द फाउंटेनहेड (1943)', 'एटलस श्रग्ड (1957)' आदि जैसे बेस्ट सेलर क...

Thursday, February 18, 2016
निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) ही विद्यार्थियों की शिक्षा के...

Tuesday, February 16, 2016
रायपुर. शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) की मदद से ज्यादातर बच्चों को सरकारी स्कूलों में लाने की योजना फेल साबित हुई है। स्कूल शिक्ष...

Monday, February 15, 2016
- देशभर के निजी स्कूल संगठन 24 फरवरी को जंतर मंतर पर देंगे धरनाः कुलभूषण शर्मा - मोदी के गुजरात मॉडल को ही नहीं अपना रहे मोदी के...

Friday, February 05, 2016
बजट प्राइवेट स्कूलों की अखिल भारतीय संस्था नीसा (नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलाएंस) माननीय दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा गैर सहायता प्राप्...

Monday, February 01, 2016
पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने देश में 1991 में हुए आर्थिक सुधारों को भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय नरसिम्ह...

Thursday, January 28, 2016
- सरकार से आर-पार के मूड में निजी स्कूल, संगठन बनाकर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी - सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे 2 लाख स्कूलों के 40...

आपका अभिमत

क्या सरकार को ऐप आधारित कैब कंपनियों के किराए में हस्तक्षेप करना चाहिए?

आज़ादी वी‌डियो

  जनवरी 1, 2009 को एटलस वैश्विक पहल की घोषणा करी गयी. टॉम पामर के नेतृत्व में शुरू हुई इस पहल क...

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