विशेष लेख

भारत ने 28 साल बाद विश्व कप क्रिकेट पर कब्जा कर चारो तरफ जश्न का माहौल बना दिया। इससे पहले 1983 में लार्ड्स के मैदान पर कपिलदेव के नेतृत्व में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को पराजित कर क्रिकेट विश्वकप जीता था. 2011 के फाइनल मैच के रोमांचक  मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका की टीम को छह विकेट से हरा दिया और सालों से बंधी लोगों की उम्मीदों को पूरा किया। इसी के साथ धोनी के धुरंधरों पर देश के लगभग हर हिस्से से तोहफों की बौछार होने लगी। खिलाड़ियों को सम्मानित करने की होड़ में मानो कोई पीछे नहीं रहना चाहता.

Published on 13 Apr 2011 - 17:39

(आर्थिक खुलेपन, जिसकी शुरुआत 1991 में हुई, के ज़रिये भले ही भारत में समृद्धि आई, लेकिन इसके लिए राजनीतिक जमीन तैयार नहीं हो पाई)

केंद्र सरकार ने हाल ही मे देश का सलाना आर्थिक बजट पेश किया। इसके साथ ही नई आर्थिक नीति को अपनाए हुए लगभग 20 साल पूरे हो गए, जब भारत ने अपनी उन अधिकतर पुरानी आर्थिक नीतियों का त्याग कर दिया था, जिसने 1991 के शुरुआती महीनों में भारत को कंगाली की कगार पर ला खड़ा किया था।

उस वर्ष नाटकीय रूप से उदारीकरण की नीतियों को अपनाने और 1990 के दशक के

Published on 4 Apr 2011 - 13:04

बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के पास हो जाने के बाद उम्मीद बढ़ी थी कि देश में प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा के प्रबंध में भारी बदलाव आयेगा. 6 से 14 साल तक के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के लिए बनाए गे इस कानून में बहुत कमियाँ हैं और इसको लागू करने की दिशा में ज़रूरी राजनीतिक इच्छाशक्ति का  भी अभाव है. 1991 में जब मौजूदा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने पी वी नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कम संभाला था, उसके बाद से ही शिक्षा को अति महत्वपूर्ण मुकाम पर रख दिया गया था. डॉ

Published on 31 Mar 2011 - 12:35

विदेशी मुद्रा में पूर्णतया कंगाल होने के बाद ही देश के राजनीतिक वर्ग को 1991 में आर्थिक सुधार लाने की सुध आयी. डेंग ज़ियाओपिंग के नेतृत्व में चीन में 12 साल पहले ही आर्थिक सुधार शुरू हो चुके थे. ये देर से की गयी शुरुआत एक महत्त्वपूर्ण वजह है कि आज भारत और चीन के विकास में इतना फासला है. भारत में दो चरणों में सुधारों को क्रियान्वित किया गया: पहला चरण था 1991 से 1993 के बीच प्रधान मंत्री पी वी नरसिम्हाराव के नेतृत्व में और दूसरा चरण था 1997 से 2004 के बीच प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व काल में. इसके विपरीत,

Published on 11 Mar 2011 - 17:38

हम में से कई लोग भारतीय अर्थव्यवस्था के मौजूदा रिकॉर्ड से खुश होंगे क्योंकि वह तेज रफ्तार से वृद्धि  करने वाली अर्थव्यवस्था है लेकिन वे भूल चुके हैं कि आजादी के बाद भारत ने समान रूप से जबरदस्त शुरुआत की थी। बीसवीं सदी की एक जानी-मानी शख्सियत जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में भारत ने विकास योजना की आधारशिला रखी और इसमें देश अग्रणी रहा।

सबसे ज्यादा उल्लेखनीय बात यह रही कि सरकार के दिशानिर्देशों के साथ नियंत्रणबद्ध योजना की प्रक्रिया शुरू हुई और भारत ने वर्ष 1954-55 और और 1964-65 के बीच सालाना

Published on 25 Feb 2011 - 13:05

जब विकृत या गलत या उल्टी प्रोत्साहन व्यवस्था भ्रष्टाचार को दंडित करने की बजाए ईनाम देती है, तब भ्रष्टाचार बढ़ने लगता है। हमें इस विकृत प्रोत्साहन का अंत करने के लिए संस्थागत परिवर्तनों की जरूरत है।

मुझे आशा है कि साल 2010 को एक ऐसे साल के रूप में याद किया जाएगा, जब नाराज मतदाता नेताओं को बाध्य कर देंगे कि वे राजनीति को एक फायदेमंद और कर मुक्त पेशे के रूप में देखना बंद करें। मीडिया में इन दिनों कई घोटाले जैसे अवैध खनन, आदर्श सहकारी समिति, राष्ट्रमंडल खेल और 2जी लाइसेंस जैसे

Published on 1 Feb 2011 - 13:16

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