आज़ादी वी‌डियो

  • उड़ीसा के कटक जिले के कोचिनाल गाँव में सोलर लैम्प की सुविधा आ जाने से लोगों में बहुत उत्साह है. सालों से बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरसते यहाँ के ग्रामीण मिटटी के तेल वाले लैम्प का प्रयोग करते आ रहे थे. यहीं की रहने वाली सरिता बिसवाल इस वीडिओ में बता रही हैं कि केरोसीन लैम्प ग्रामीणों के लिए महंगा और असुविधाजनक साबित हो रहा था. तेज़ हवा और बरसात में भी ये लैम्प काम ना देता.

  • झारखण्ड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति पूरे देश में सब से ज्यादा आंकी गयी है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 25 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत की तुलना में किसी भी एक दिन में झारखंड के 41.9 प्रतिशत शिक्षक क्लास में अनुपस्थित रहते हैं. राज्य में योग्य और समर्पित शिक्षकों की बहुत कमी है.

  • जैसा की भारत में अधिकतर जगह देखा जाता है, गन्दगी और प्रदूषण की समस्या राजस्थान में भी व्याप्त है. सार्वजनिक जगहों पर फ़ैली गन्दगी से बीमारियाँ और अन्य समस्याओं का खतरा बना रहता है.

  • मध्य प्रदेश के उजावनी में दूषित पानी पीने के पानी की वजह से निवासियों के लिए एक खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो गयी है. सन 2001 के सेनसस आंकड़ों के अनुसार भारत के 39.8% घरों में साफ़ पेयजल नहीं आता है. उजावानी एक ऐसा ही गंभीर उदाहरण है. यहाँ के 200 परिवारों की पेयजल आपूर्ति के लिए सिर्फ एक हैण्ड पम्प और एक निजी कुआं है. एक सार्वजनिक कुआँ कुछ सालो पहले बुरे रख रखाव के कारण पहले ही बंद हो चुका है.

  • महाराष्ट्र के आंगनवाड़ी केंद्र भ्रष्टाचार और जातिवाद की वजह से बुरी तरह प्रभावित हैं. आंगनवाड़ी योजना केंद्र सरकार द्वारा छह साल से कम उम्र के गरीब बच्चो के स्वास्थ्य व कल्याण के लिए चलायी जाती है. हालांकि महाराष्ट्र के मालेगांव में आंगनवाड़ी केन्द्रों में 300 के बजाय सिर्फ 20 बच्चे ही भर्ती हैं और वे सभी उच्च जाति के हैं.

Pages