सर्वेक्षण

सर्वेक्षण पर सवाल

जनमत सर्वेक्षणों पर कांग्रेस की आपत्ति निराधार नहीं कही जा सकती, लेकिन वह जिस तरह उन पर प्रतिबंध लगाने की वकालत कर रही है उससे उसके इरादों को लेकर संदेह पैदा होता है। क्या वह इसलिए जनमत सर्वेक्षणों के खिलाफ खड़ी हो गई है, क्योंकि हाल के ऐसे सर्वेक्षणों में उसकी हालत पतली होती दिखाई गई है? पता नहीं सच क्या है, लेकिन यह स्पष्ट है कि कांग्रेस पिछले कुछ समय से अपने आलोचकों के प्रति कुछ ज्यादा ही सख्त तेवर अपनाती दिख रही है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा देश भर के स्कूलों में किए गए शोध के आधार पर एक रिपोर्ट जारी किया गया है जिसमें शिक्षकों द्वारा नन्हें मुन्ने छात्रों के साथ मारपीट, दंड देने के नाम पर प्रताड़ित करने व जानवरों जैसे बुरे बर्ताव करने की बात कही गई है। रिपोर्ट में अक्सर शिक्षकों को छोटे-छोटे बच्चों को उनमें पढ़ने की क्षमता न होने व भविष्य में कभी भी पढ़ाई न कर पाने जैसे बयान देने का भी आरोपी पाया गया है। हालांकि इस रिपोर्ट में ऐसा कुछ भी नहीं जिसे आश्चर्यजनक की संज्ञा दी जा सके। देशभर में आए दिन ऐसे तमाम शोध व उनके रिपोर्ट आते रहते हैं जो महज कुछेक गोष्ठि