गुणवत्ता युक्त शिक्षा का अधिकार -1

देश में शिक्षा का अधिकार कानून तो लागू हो गया और स्कूलों में छात्रों के नामांकन की संख्या भी वैश्विक संख्या के आसपास पहुंच गई, लेकिन छात्रों के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा अभी भी दूर की कौड़ी साबित हो रही है। तमाम सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों द्वारा जारी आंकड़ें यही बताते हैं कि 8वीं कक्षा के छात्र चौथी और पांचवी कक्षा की किताबें भी नहीं पढ़ पाते। इसके कई कारण हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण सरकारी स्कूलों के अध्यापकों में जवाबदेही की कमी है। इस समस्या के समाधान के लिए थिंकटैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी छात्रों को डाइरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर माध्यम के तहत स्कूल वाऊचर उपलब्ध कराने की हिमायत करता है..।