सीसीएस लगातार छठीं बार, विश्व के श्रेष्ठ थिंकटैंक सेंटर्स की सूची में हुआ शुमार

- पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी द्वारा टॉप ग्लोबल थिंकटैंक सेंटर्स की सूची जारी, टॉप 50 में अकेला भारतीय
 
-  चीन, भारत, जापान और कोरिया के 50 टॉप थिंकटैंक सेंटर्स की सूची में 14वां स्थान
 
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त थिंकटैंक सेंटर सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) के ताज में एक और नगीना जुड़ गया है। सीसीएस को लगातार छठें साल विश्व के टॉप थिंकटैंक सेंटर्स की सूची में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ है। पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी द्वारा प्रति वर्ष जारी किए जाने वाले टॉप थिंकटैंक सेंटर्स की सूची में सीसीएस को 50वें क्रम पर रखा गया है। टॉप 100 की इस सूची में भारत के दो अन्य थिंकटैंक सेंटर्स टेरी व ओआरएफ को भी क्रमशः 81वां व 82वां स्थान प्राप्त हुआ है।
 
इसके अतिरिक्त भारत, चीन, जापान व कोरिया के थिंकटैंक सेंटर्स की संयुक्त 50 थिंकटैंस सेंटर्स की सूची में भी सीसीएस को 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। विदित हो कि पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी द्वारा दुनियाभर में सक्रिय संस्थाओं के कार्यों और प्रभावों का विभिन्न बिंदुओं के आधार पर गहन अध्ययन कर प्रतिवर्ष यह सूची जारी की जाती है। इस वर्ष कुछ 6,681 संस्थाओं को इस अध्ययन में शामिल किया गया था। थिंकटैंक सेंटर्स की रैंकिंग का कार्य वर्ष 2006 में पहली बार शुरु किया गया था।
 
सीसीएस, "लोकनीतियों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन' की भावना को बढ़ावा देता है। सन 1997 में स्थापित यह संस्था शिक्षा, आजीविका और नीति प्रशिक्षण (पॉलिसी ट्रेनिंग) के क्षेत्र में विशेष रुप से कार्यरत है। इस बाबत सेंटर फॉर सिविल सोसायटी की कम्यूनिकेशन मैनेजर समता अरोड़ा ने बताया कि पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी द्वारा दुनियाभर में कार्यरत थिंकटैंक सेंटर्स के कार्यों, कार्य पद्धतियों और समाज पर पड़ने वाले उसके प्रभावों का अध्ययन कर टॉप थिंकटैंक सेंटर्स की सूची जारी की जाती है। समता ने सीसीएस के लगातार छठवें साल विश्व के चुनिंदा टॉप थिंकटैंक सेंटर की सूची में स्थान प्राप्त करने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में सीसीएस अपने प्रदर्शन में वर्ष दर वर्ष और अधिक सुधार करेगा और नंबर वन थिंकटैंक सेंटर का तमगा हासिल करेगा।
 
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- आजादी.मी