बिंदु-बिंदु विचार---------(2)

  • जब कर बहुत ज्यादा हो जाते हैं तो लोग भूखे रह जाते हैं।
    - लाऔत्से
  • प्रत्येक कर हमारे दिल में कटार बनकर चुभता है
  • एक आदमी एक हत्या से खलनायक बनता है लाखों लोगों को मारकर वह नायक हो जाता है।
  • हमारी व्यवस्था ऐसी है कि जहां जितना ज्यादा काम करोगे उतना ही ज्यादा कर चुकाना होगालेकिन जहां काम न करनेपर  सरकारी सब्सिडी मिलती है।
    - मिल्टन फ्रीडमैन
  • सारी दुनिया के नेता एक जैसे होते हैं वे वहां पुल बनाने का वायदा करते हैं जहां नदी नहीं होती।
  • एक नेता अमीरों से पैसा लेता है और गरीबों से वोट। जबकि उसका वादा होता है कि वह दोनों की एक दूसरे से रक्षा करेगा।
  • अगर इंसान की प्राकृतिक आदतें इतनी खराब हैं कि लोगों को आजाद छोड़ना सुरक्षित नहीं है तो फिर जनता पर राज करनेवाले लोगों की आदतों को अच्चा कैसे कहा जा सकता है ? या फिर वे मानते हैं कि वे आदमियों से अलग किस्म की मिट्टी के बने होते हैं।
  • अच्छे कानून सही काम को करना आसान और गलत काम को करना मुस्किल करते हैं।
  • राजनीतिक भाषा ऐसी होती है जिसमें झूठ भी सच जैसा सुनाई देता है। हत्या जैसा अपराध सम्मानित लगता है।
  • व्यक्तिगत आजादी एक ऐसा ईनाम है जिसकी कीमत जिम्मेदार बनकर चुकानी होती है।
  • क्रांतिकारी –एक दबाकुचला आदमी जो दूसरों को दबाने का मौका मिलने का इंतजार कर रहा है।