भारत में शिक्षकों पर ज्यादा खर्च

भारत के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर भले ही निचला हो, लेकिन यहं के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के वेतन पर चीन और जापान के मुकाबले भारत ज्यादा खर्च कर रहा है। भारत के 9 राज्यों (यूपी, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, मिजोरम, छत्तीसगढ़) में सकल घरेलू उत्पाद का 3.0 फीसदी खर्च शिक्षकों के वेतन पर हो रहा है, जबकि शिक्षकों के वेतन पर अन्य एशियाई देश कई गुना कम खर्च कर रहे हैं।

हाल ही में इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में एजुकेशन इकोनॉमिक्स एंड इंटरनेशनल डेवलपमेंट की प्रोफेसर गीता गांधी किंगडन ने तुलनात्मक रिपोर्ट पेश की है। इसमें उन्होंने बताया कि चीन, जापान, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुकाबले भारत सरकारी शिक्षकों के वेतन पर सबसे ज्यादा खर्च करता है। शिक्षकों के वेतन पर जहां चीन अपने सकल घरेलू उत्पाद का 0.9 प्रतिशत, जापान 105 प्रतिशत, इंडोनेशिया 0.5 और पाकिस्तान और बांग्लादेश का खर्च काफी कम है। वर्तमान में यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद में भी सदस्य गीता का कहना है कि भारत में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर इतना खर्च करने के बाद भी शिक्षा का स्तर काफी निम्न है, जबकि अन्य देशों में कुल सकल घरेलू उत्पाद का शिक्षकों के वेतन पर भारत के मुकाबले कम खर्च होता है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता काफी ऊंची है।

साभारः- प्रिया गौतम (हिंदुस्तान, नई दिल्ली)