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सरकारी नियंत्रण फर्जीवाड़े़ और काला बाजारी को बढ़ावा देता है। यह सत्य का दमन करता है और वस्तुओं की गहन कृत्रिम कमी पैदा करता है। यह लोगों को कहीं का नहीं छोड़ता है और उन्हें उपक्रमण से वंचित करता है। यह लोगों को स्वावलंबी होने के गुणों का नाश करता है। जाहिर तौर पर, सरकार की बढ़ती शक्तियां मुझे भयभीत करती है। भले ही यह लोगों को शोषित होने से बचाकर यह अच्छा काम करती है, लेकिन व्यैक्तिकता (निजी), जो कि सभी उन्नतियों के हृदय में वास करती है,&

राष्ट्रीय स्वयंसेवक हमें यह याद दिलाने से कभी नहीं चूकता कि भारतीयों में राष्ट्रीय गौरव की भावना थोड़ी और होनी चाहिए। हालांकि, नरेंद्र मोदी ने नागरिक होने के गौरव को अधिक महत्वपूर्ण बताकर आरएसएस को ही नसीहत दे डाली है। सच में यह राष्ट्रवाद की अधिक मजबूत व टिकाऊ नींव है। नागरिकों को नागरिकता के मूल्य सिखाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान देश का सबसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। केजरीवाल के अस्थिर हाथों से झाड़ू छीनकर और कांग्रेस के आलिंगन से गांधी को छुड़ाकर मोदी ने देश के इतिहास में राष्ट्र की सफाई का सबसे बड़ा अभियान छेड़ा है।
Author: 
गुरचरण दास