Pakistan

दशकों तक भारत में अर्थशास्त्र का तात्पर्य गरीबी का अध्ययन रहा है। कुछ समय पहले तक कॉलेज में अर्थशास्त्र पढ़ाने की शुरुआत 'गरीबी के दोषपू्र्ण चक्र' नामक सिद्धांत (Theory of vicious circle of poverty) से की जाती थी। इस सिद्धांत के अनुसार गरीबी को दूर नहीं किया जा सकता। गरीब लोग तथा गरीब राष्ट्र के लिए गरीब रहना नियति है। वास्तव में यह कोरी बकवास है। यदि यह सत्य होता तो संसार आज भी पाषाण युग में होता। जीवनियों (biography) का इतिहास 'गरीबी से अमीरी का सफर' करने वाली कथाओं से भरा पड़ा है। हांगकांग और अमेरिका गरीब अप्रवासियों (immi

एक दूसरे के पड़ोसी होते हुए भी भारत और पाकिस्तान के बीच कारोबार काफी सिमटा रहा है। कुछ समय पहले तक दक्षिण एशिया में श्रीलंका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था, अवामी लीग सरकार के कार्यकाल में अब बांग्लादेश उससे थोड़ा आगे निकल गया है। पाकिस्तान इन दोनों से पीछे है। इसकी वजह भारत से उसके रिश्तों में आते रहे उतार-चढ़ाव के अलावा कारोबार के लिए ढांचागत सुविधाओं की कमी भी है। दोनों के बीच बहुत सारा व्यापारिक लेन-देन तीसरे देश के जरिए होता रहा है, जो कि दोनों के हित में नहीं है। देर से ही सही, अब आपसी व्यापार की संभावनाएं बढ़ाने की कोशिश चल रही है।

अपनी सरज़मीं पर बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच अमेरिकी कमांडोज़ के हाथों दुनिया के सबसे ख़तरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने आ गया है। एक तरफ़ पाकिस्तान को आंतकी देश घोषित करने की मांग उठ रही है, तो दूसरी तरफ़ तालिबान ने बदले की कार्रवाई की धमकी दी है। अमेरिका ने पाकिस्तान में अपना दूतावास बंद करने का ऐलान कर दिया है और ख़बर है कि बराक़ ओबामा अपना पाकिस्तान दौरा भी रद्द कर सकते हैं।

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