Messiah

एक साल पहले तकरीबन इन्हीं दिनों में राहुल गांधी ने ओडिशा में कुछ आदिवासियों से कहा था कि वे दिल्ली में उनकी लड़ाई लड़ेंगे। नियमगिरि के डोंगरिया कोंड आदिवासी बिसार दिए गए और अब राहुल का फोकस यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नोएडा के जाट किसानों व अन्य समूहों की ओर हो गया है।

राहुल गांधी का यह व्यवहार समूचे राजनीतिक वर्ग के चरित्र को प्रदर्शित करता है। देश की आजादी के बाद संविधान द्वारा चिह्न्ति ऐसे दो समूहों में आदिवासी भी एक थे, जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत थी। इसी वजह से संसद में व सरकारी नौकरियों में दलितों के अलावा आदिवासियों के लिए भी सीटें आरक्षित की गईं।