legislators

यदि मनुष्य की नैसर्गिक प्रवृत्ति (स्वभाव) इतनी बुरी है कि उसे आजाद छोड़ना सुरक्षित नहीं तो ऐसी सोच रखने वाले या ऐसी व्यवस्था करने वालों की प्रवृत्ति हमेशा सही ही कैसे हो सकती है? क्या विधायिका (सरकार) में शामिल और उनके द्वारा नियुक्त लोग मानव जाति से संबंध नहीं रखते हैं? या फिर उन्हें लगता है कि अन्य लोगों की तुलना में वे उच्च कोटि (गुणवत्ता) की मिट्टी से बने हुए हैं???

- फ्रेडरिक बास्तियात