Land Acquisition

हममें से अधिकांश लोग डा. भीमराव अंबेडकर को एक अधिवक्ता, दलित नेता और भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार के तौर पर पहचानते हैं। लेकिन कम ही लोगों को पता है कि डा. अंबेडकर एक निपुण अर्थशास्त्री भी थे। उनके पास न केवल लॉ की डिग्री थी बल्कि उन्होंने अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी से 1915 व 1927 में क्रमशः अर्थशास्त्र में एमए व पीएचडी भी की थी।  
 

छिंदवाड़ा के पास अडानी पेंच पावर प्लांट का पुरजोर विरोध हो रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, इन सभी प्रदेशों से इन दिनों किसानों/ग्रामीणों की जमीनों के अधिग्रहण की खबरें सबसे ज्यादा आ रही हैं। एक और समान बात यह है कि ज्यादातर राज्यों में बिजली या लोहे के कारखानों के लिए जमीन पर कब्जे किए जा रहे हैं और किसान/ग्रामीण विरोध कर रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का मामला समान हो कर भी कुछ अलग है और प्रस्तावित नए भूमि अधिग्रहण कानून को और जल्द लागू कराने के लिए दमदार दलील पेश कर रहा है।

कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा का एक छोटा सा गांव भट्टा परसौल तमाम न्यूज चैनलों पर छाया रहा। फिल्म पीपली लाइव के पीपली गांव की तरह यहां मीडिया का जमावड़ा था। भट्टा परसौल में भी वहीं देखने को मिल रहा था जो हमने फिल्म में देखा था। फिल्म की ही तरह भट्टा परसौल के केन्द्र में भी किसान की दशा थी। पीपली लाइव और भट्टा परसौल दोनो के ही केन्द्र में सरकारी योजनाओं और नीतियों से त्रस्त, बेहाल और लाचार किसान था और है।

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