kisan satyagrah

आखिर इस महिला को उस मराठी कहावत की याद दिलाने की जरूरत क्यों पड़ रही है जिसमें कहा जाता है कि 'बैल आजारी पड़ला तार चलेल, बाइल आजारी नको पड़ैला' यानि कि बैल अगर बीमार पड़ जाए तो फिर भी खेती हो सकती है लेकिन घरवाली अगर बीमार पड़ जाए तो काम नहीं चल सकता..!

क्यों कहना पड़ रहा है कि जो युवक अपनी आजीविका के लिए खेती को चुनता है आज उसका विवाह होना मुश्किल हो जाता है..

- आजादी.मी

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