Freedom

यह जितना उत्साहजनक है कि अब सीबीआइ को भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे नौकरशाहों के खिलाफ जांच आगे बढ़ाने के लिए सरकारी मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा वहीं यह उतना ही निराशाजनक कि इसे उचित ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ को आगे आना पड़ा।

'आज से आठ दशक और सात साल पूर्व हमारे पूर्वजों ने हमारे इस महादेश में निर्माण किया था एक नए देश का। निर्माण किया था उसका एक खुली आजादी के माहौल में, यह मानते हुए कि हर इंसान हर दूसरे इंसान के बराबर है। कोई भी व्यक्ति किसी से ऊंचा नहीं और ना ही किसी से कोई नीचा है।

और अब हम, उस ही देश की नस्ल, भिड़े हुए हैं एक-दूसरे से एक घमासान जंग में, जो कि यह फैसला कर दिखाएगी कि यह देश या फिर ऐसा कोई भी देश, ऐसी बेहतरीन सोच और ऐसे संकल्प वाला देश, बरकरार रह सकता है भी या नहीं।

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