Female Foeticide

भारत में कन्यओं को देवी माताओं का दर्जा दिया जाता है। उनकी शक्ति के रूप में पूजा की जाती है। साल में दो बार उत्तर भारत के लोग नवरात्र मनाते हैं। पूरे नौ दिन शक्ति की उपासना होती है। लेकिन इस बार की जनगणना के नतीजे देखकर क्या वे सोचेंगे कि इस कदर घट रही कन्या जन्म दर को देखते हुए मां दुर्गा के अलग - अलग रूपों की पूजने का क्या अर्थ है? सुनने में अजीब लगता है कि इन्हीं में से अधिकांश लोग पढ़े - लिखे और संपन्न होने के बावजूद घर में कन्या के जन्म लेने पर शोक मनाते हैं।

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