Entrepreneurs

विश्व को भारत में संभावनाएं दिखाई दे रही है। वो हमारे देश को बाजार की तरह देखते हैं। उन्हें यहां 1 अरब से अधिक खरीददार दिखाई देते हैं। जहां वे अपने उत्पादों को बेच सकते हैं। हमारी मानवीय संपदा विश्व के लिए आकर्षण का केंद्र है। यही कारण है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां हमारे देश में व्यवसाय के लिए आ रही है। उन्हें, यहां बेहतर आर्थिक भविष्य की संभावनाएं दिखती हैं। जबकि हम सवा सौ करोड़ लोग पूरी दुनिया के लिए उत्पादन करने में सक्षम हैं। आगे आने वाले समय में भारत को बाजार नहीं, उत्पादक देश बनना है। इसके लिए हमें अपने युवा शक्ति में भरपूर संभावनाएं दिखत

लंबी अवधि में भारत की विकास दर तेज रहने के पक्ष में कई तर्क दिए जाते हैं। मसलन भारत की आधी आबादी 30 साल से कम उम्र की है और इस उम्र में ये लोग वित्तीय मामलों में अधिक जोखिम उठाने के लिए तैयार होते हैं। जबकि एक 45 वर्ष का व्यक्ति वित्तीय मामलों में जोखिम नहीं ले सकता क्योंकि उसे अपनी सेवानिवृत्ति के बाद की जिंदगी के बारे में भी सोचना होता है।

Category: