Deficit

बजट के प्रस्तुत होते ही सेंसेक्स ने 600 अंकों की छलांग लगाई, लेकिन जैसे ही निवेशकों को ये समझ आया कि बजट की कुछ बातें वित्तीय घाटे को ध्यान में रखने की बजाय आंकड़ों में सुधार और आशावाद पर अधिक आधारित है, तो सेंसेक्स को नीचे गिरते भी ज्यादा वक्त नहीं लगा।

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट में कर प्रबंधन की कुशलता की कमी दिखाई पड़ती है, फिर भी इसमें वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दिखाई पड़ती है और रसोई गैस, खाद और मिट्टी के तेल के लिए नकद सब्सिडी की एक नई नीति सामने रखता है।

वित्त मंत्री ने वित्तीय क्षेत्र के सात अहम विधेयकों पर फिर से विचार शुरू करने का संकल्प कर आर्थिक सुधारों की संभावनाएं बढ़ाई हैं। इनमें बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ाकर 49 फीसदी करने और बैंकों में विदेशी निवेशकों के मतदान अधिकार को समाप्त करने संबंधी विधेयक भी शामिल है।

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर