constitution day

संविधान दिवस विशेष

आज 26 नवंबर है। देश के लिए यह दिन अत्यंत ही खास है। वर्ष 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने स्वयं के संविधान को स्वीकृत किया था। दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 से यह पूरे देश में लागू हो गया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की पहल पर वर्ष 1979 से संविधान सभा द्वारा नए संविधान को मंजूरी देने के इस अत्यंत खास दिन को देश में राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में मनाए जाने लगा। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गजट नोटिफिकेशन के द्वारा इस दिन को संविधान दिवस के रूपए में मनाए जाने की पहल की।

लगातार कई बछिया देने के बाद आपकी गाय ने बछड़ा दिया है। आप खुश हैं कि चलो अब आपकी खेती की मुश्किलें दूर होंगी। आप चाहते हैं कि बछड़ा बड़ा होकर बैल बने और खेत जोतने के काम आए। लेकिन संभव है कि कोई सरकारी अधिकारी आपके पास आए और आपको बताए कि आप बछड़े को बैल नहीं बना सकते और आपको उसे सांड बनाना पड़ेगा। आपके कारण पूछने पर वह इसे प्रशासन द्वारा क्षेत्र के हित में लिया गया फैसला बता सकता है। इतना ही नहीं यदि आपने उसकी बात नहीं मानी तो यह भी संभव है कि वह उसे जब्त कर ले, या आप पर जुर्माना ठोंक दे। जी हां, दिल्ली में सन् 1940 में बना द मद्रास लाइवस्टॉक

भारतीय कानूनी व्यवस्था अब भी कई मामलों में दकियानूसी है। देश में अब भी सैकड़ों कानून हैं, जिनकी उपयोगिता खत्म हो गई है। लेकिन अब भी वे लागू हैं। यह और बात है कि कानून लागू करने वाली संस्थाएं इनका खुद भी इस्तेमाल नहीं करतीं। लेकिन अगर चाहें तो वे इन कानूनों के जरिए आम लोगों को परेशान कर सकती हैं। अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो  इसे उनका एहसान ही माना जाना चाहिए, एक ऐसा एहसान जो कभी भी बंद किया जा सकता है। पिछले दो सालों में मोदी सरकार ने करीब 11 सौ से अधिक ऐसे अप्रासंगिक और गैरजरूरी कानूनों को हटा दिया है। लेकिन अब भी देश में सैकड़ों कानून ऐ