स्ट्रीट वेंडर

देश के तमाम शहरों की सड़कें न सिर्फ लाखों कामगार गरीबों तथा अभावग्रस्त लोगों की आश्रयस्थली वरन उनकी रोजीरोटी का केंद्र भी हैं, जहां पर वे सस्ते और आकर्षक सामानों की दुकान सजाते हैं। शहरों में सड़क किनारे फुटपाथ पर आपकों ऐसे अनेक पुरष-महिलाएं पकाया हुआ भोजन, फल व सब्जियां, कपड़े, खिलौने, किताबें, घरेलू इस्तेमाल की चीजें व सजावटी सामान बेचते मिल जाएंगे। एक अनुमान के मुताबिक भारत में तकरीबन एक करोड़ लोग इस तरह सड़क किनारे सामान बेचते हुए अपनी आजीविका कमाते हैं।

कुछ महीने पहले मुंबई के सबर्ब विलेपार्ले में पुलिस फुटपाथ को हॉकरों से खाली कराने की मुहिम चला रही थी। उसी दौरान डर से भाग रहे एक हॉकर की मौत हो गई। इसने शहर में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया। सांसद प्रिया दत्त और एमएलए कृष्णा हेगड़े ने इस मृत्यु के लिए पुलिस की कार्रवाई को जिम्मेदार बताते हुए एक हॉकर पॉलिसी लागू करने की मांग की।