स्किल डेवलपमेंट

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से देशभर में युवा सशक्तिकरण का अभियान पूरी लगन से जारी है। न सिर्फ केंद्र बल्कि राज्य सरकारें भी इस दिशा में प्रयासरत हैं। ऐसे में प्रशिक्षुओं को बेहतर विकल्प और संस्थानों के चुनाव की स्वतंत्रता देने की मांग भी उठ रही है। इसी आवश्यकता को देखते हुए सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) ने एक टूलकिट तैयार किया है जिससे प्रशिक्षुओं को इंस्टिट्यूट चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी और प्रशिक्षण संस्थानों पर भी बेहतर प्रदर्शन का दबाव रहेगा।

- सेंटर फॉर सिविल सोसायटी ने महाराष्ट्र में तीन वर्षों तक चलाया 'स्किल वाउचर' पायलट प्रोजेक्ट
- कैरियर मेले का आयोजन कर 2000 युवाओं के कौशल विकास में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
- 3-4 माह के प्रशिक्षण के बाद युवाओं को अमेजन व एचडीएफसी बैंक सहित तमाम राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कंपनियों में मिली नौकरी

दिल्ली में भाजपा की हार के बाद मोदी सरकार राजनीतिक साहस की कमी से जूझ रही है। इसलिए सरकार में यह साहस नहीं रहा कि वह मनरेगा जैसी नाकाम रोजगार योजनाओं को बंद कर सके। भाजपा को डर है कि अगर उसने इस तरह की योजनाओं को बंद किया तो उन्हें गरीब विरोधी करार दे दिया जाएगा।