सेंसरशिप

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता  न होने की तुलना में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग हजारों गुना बेहतर होता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आत्यंतिक महत्व को प्रतिपादित करने के लिए चार्ल्स ब्रेडला के इस उद्धरण का अक्सर हवाला दिया जाता है। लेकिन हमारे देश में उल्टी गंगा बह रही है। हमारे देश की सरकार और अदालतें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के कथित दुरूपयोग को रोकने के नाम पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ही नकेल कसने पर आमादा हैं। वे शायद यह भूल गए हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा है। उसके बगैर लोकतंत्र की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हम अपने को दुनिया का सबसे ब