सियासत

 

- अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन रेहड़ी-पटरी व फेरी वालों के लिए मित्रवत व सुविधाजनक कानून बनाने की मांग पर बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष

- समस्या के समाधान के लिए सियासतदारों पर निर्भर न रहने की दी सलाह

राष्ट्रपति के साहबजादे अभिजीत मुखर्जी का बयान आया, जिसमें उन्होंने इंडिया गेट पर बैठी महिला प्रदर्शनकारियों को इन शब्दों में जलील करने की कोशिश की, ‘मेरी नजरों में ये रंगी हुई (लिपिस्टिक से), घिसी हुई औरतें कॉलेज की छात्राएं बिल्कुल नहीं हो सकतीं।’ यह कह कर वे खुद जलील हुए। लेकिन उनके बयान से कई सवाल पैदा होते हैं, जो मैं अपने आपसे पूछती रही हूं जब से प्रदर्शन शुरू हुए इंडिया गेट पर उस बच्ची के बलात्कार को लेकर।

अरविंद केजरीवाल ऐसे खामोश, मगर चतुर कार्यकर्ता हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार और घोटालों पर से पर्दा उठाने का बीड़ा उठा रखा है। उनके विरोधी इस बात से खुश हैं कि कम से कम अभी तो देश में केजरीवाल की आंधी नहीं चल रही है और 2014 के आम चुनाव से पहले भी ऐसे हालात पैदा होने की गुंजाइश कम ही है। मगर गठबंधन सरकार के इस दौर में अक्सर छोटी पार्टियां सरकार पर भारी दबाव पैदा कर देती हैं। ऐसे में आर्थिक मामलों पर केजरीवाल की राय क्या है, यह जानने का समय आ गया है। बिजनेस स्टैंडर्ड में मेरी सहकर्मी ने कई दफा केजरीवाल का साक्षात्कार लिया है। वह अक्सर उन्हें ऐसे मसलों पर बोलने के लिए उक

Category: