सरकारी स्कूलों के छात्र

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आठवीं कक्षा तक के बच्चों को फेल नहीं किया जा सकता है. ऐसे में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हालत इतनी खराब है कि जब वही बच्चे नौवीं कक्षा में पहुंचते हैं, तो उनमें से 50 फीसदी फेल हो जाते हैंः आजतक