समता

समाजवाद कहता है कि हम समानता लाना चाहते हैं। लेकिन बड़ा मजा यह है कि और इसलिए समाजवाद कहता है कि समानता लाने के पहले स्वतंत्रता छीननी पड़ेगी। तो हम स्वतंत्रता छीनकर सब लोगों को समान कर देंगे। लेकिन ध्यान रहे कि स्वतंत्रता है तो समानता के लिए संघर्ष कर सकते हैं लेकिन अगर स्वतंत्रता नहीं है तो समानता के लिए संघर्ष करने का कोई उपाय आदमी के पास नहीं रह जाता है।

समाजवाद कहता है कि हम समानता लाना चाहते हैं। लेकिन बड़ा मजा यह है कि और इसलिए समाजवाद कहता है कि समानता लाने के पहले स्वतंत्रता छीननी पड़ेगी। तो हम स्वतंत्रता छीनकर सब लोगों को समान कर देंगे। लेकिन ध्यान रहे कि स्वतंत्रता है तो समानता के लिए संघर्ष कर सकते हैं लेकिन अगर स्वतंत्रता नहीं है तो समानता के लिए संघर्ष करने का कोई उपाय आदमी के पास नहीं रह जाता है।