सत्ता की कुर्सी

बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) विकास का रास्ता है जिसके माध्यम से सरकार छोटे दुकानदारों, कारोबारियों, किसानों और युवाओं के हितों का पोषण करना चाहती है।

विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ऐसे भावुक भाषण देती हैं, मानो इस निर्णय से सब कुछ समाप्त हो जाएगा। लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। विपक्ष का ध्यान कुर्सी पर, हमारा जनता क भलाई पर है। शर्म की बात है कि सुषमा जी सूदखोरों का समर्थन कर रही हैं।