संसाधन

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा है कि देश का बाजार दुनिया के लिए हमने खोला है। उनकी बात सही है। देश सचमुच आज दुनिया का बाजार बन गया है, लेकिन दुनिया के बाजार में हम कहां हैं?

मुझे फेविकोल का एक चर्चित विज्ञापन याद आता है जिसमें एक बस को दिखाया गया है कि कैसे बस के अंदर-बाहर और ऊपर तमाम लोग लदे हुए हैं। देश के अद्र्घशहरी तथा ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य आम तौर पर देखा जा सकता है। विज्ञापन खत्म होता है और बस के पिछले हिस्से में फेविकोल का बोर्ड नजर आता है। हालांकि यह भारत में प्राय: नजर आने वाला एक विशिष्ट दृश्य है, वहीं यह भारतीयों के 'जुगाड़' के स्वभाव का भी परिचायक है। बस की बात करें तो उसमें जितनी सीट होती हैं, उससे कहीं अधिक लोगों को बस में बिठाया जा सकता है, इसके अलावा ढेर सारे लोग खड़े होकर और बस की छत पर बैठकर भी सफर कर सकते हैं बल्कि करत