विश्व

सम्पूर्ण विश्व में शहरीकरण श्रम विभाजन की सहायता से समृद्धि बढ़ाता है। इसलिए भारत जैसे देशों में शहरीकरण को संपन्नता बढ़ाने के साधन के रूप में अपनाना सरकार के पिछले 50 वर्षों के प्रयासों (ग्रामीण विकास के नाम पर निर्रथक धन का व्यय) की अपेक्षा बेहतर विकल्प है। अभी हाल ही के आर्थर एंडरसन फार्च्यून के विश्वव्यापी सर्वे में भारत के शहरों को सबसे खस्ताहाल स्थिति में पाया गया। निश्चित ही संपन्न देश होने का यह तरीका नहीं है।

आफ्टर द वेलफेयर स्टेट पुस्तक के संपादक डा.टाम पामर के मुताबिक आज के जनकल्याणकारी राज्य दुनिया में गहरा रहे - अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संकट और ऋण संकट जैसे दो बड़े आर्थिक संकटों के लिए सीधे जिम्मेदार है। इस  पुस्तक में पांच देशों  के अध्ययनकर्त्ताओं के जनकल्याणकारी राज्य पर निबंध हैं।