विज्ञान

दिल्‍ली गैंग रेप के बाद कोई भारत-इंडिया में भेद को इसका कारण बता रहा है, कोई बॉलिवुड को गाली दे रहा है, कोई अश्‍लीलता तो कोई महिलाओं के कपड़े और उसकी जीवनशैली पर ऊंगली उठा रहा है, कोई पश्चिमीकरण को इसका दोषी ठहरा रहा है, कई खुद को महिला स्‍वतंत्रता के पैरोकार साबित करने में जुटे हैं। सच तो यह है कि अभी ये खुद ही समकालीन मनुष्‍य नहीं हैं। आइए जानते हैं इस सदी के प्रबुद्ध चेतना ओशो समकालीन मनुष्‍य किसे मानते हैं....