लाऊंड्री

मुक्त व्यापार ने अपना प्रभाव ब्रिटिश कालीन भारत में भी छोड़ा। अंग्रेजों ने प्रथम विश्व युद्ध शुरू होने से पूर्व तक, सन 1914 तक, मुक्त बाजार-अर्थव्यवस्था को संचालित किया। सन 1914 में भारत, ब्रिटिश कपड़े की अपेक्षा, ब्रिटिश कपड़ा बनाने वाली मशीनों का सबसे बड़ा आयातक देश था। इस प्रकार भारत इंग्लैंड से आयातित मशीनों से उत्पादन कर कपड़े का बड़ा निर्माता बन रहा था।