लंदन

यह बात हम भारतीयों को शायद ही हजम हो कि अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पर ब्रिटेन में भारी जुर्माना लगाया गया। वह लंदन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आई थीं, लेकिन उनके सुरक्षाकर्मी 3.30 पाउंड का पार्किंग टिकट खरीदना भूल गए और गाड़ी को बिना फीस दिए ही पार्क कर दिया। इस पर वहां के ट्रैफिक वॉर्डन ने उनकी गाड़ी पर 80 पाउंड जुर्माने का नोटिस चिपका दिया। हिलेरी के बॉडीगार्ड चिल्लाते रहे लेकिन वॉर्डन पर कोई असर नहीं पड़ा। ऐसी ही एक और घटना है। एक स्वीडिश पूंजीपति फिनलैंड में तय गति सीमा से ज्यादा तेज गाड़ी चला रहे थे। पकड़े गए। फिनलैंड में जो जितना ज्

 

हम भारतीय असहज मुद्दों से बचने में उस्ताद  हैं। असहज मामलों पर चर्चा करने के बजाय हम ढोंगी और झूठा बनना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसा ही एक मुद्दा है शराब के सेवन का, जिस पर चर्चा से परहेज करना हम अच्छी तरह सीख चुके हैं। हमसे उम्मीद की जाती है कि हम शराब से संबंधित हर चीज की सार्वजनिक रूप से आलोचना करेंगे।

जब ऐसा कहा गया है कि मानव (Home Economicus) धन पैदा करने के लिए तैयार किया गया एक यंत्र है, तो भारतीय अर्थशास्त्र में बताए जा रहे उस तर्क की जांच करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है, जिसके अनुसार भारत की विशाल जनसंख्या गरीबी का एक कारण है। यदि मनुष्य एक मात्र ऐसी प्रजाति है जो धन पैदा कर सकती है, तो इसकी अधिक संख्या गरीबी का कारण कैसे हो सकती है? सच क्या है?