मोबाइल फोन

खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर बहस अंततः समाप्त हो गई। उम्मीद है कि अब इसने उन अन्य गरमागरम बहसों की आत्माओं के बीच अपनी शांतिपूर्ण जगह बना ली होगी, जिनसे हमारा लोकतांत्रिक देश यदा कदा गुजरता रहता है। हर समय लगता है मानो यह हमारे जीवन मरण का मुद्दा हो और हम विनाश के कगार पर खड़ें हों। अगर आप उनमें से हैं, जो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के विरोधियों द्वारा की गई बर्बादी की भविष्यवाणियों से डरते हैं तो यहां प्रस्तुत है इसी तरह की पहले हुई कुछ बहसों का छोटा सा इतिहास। यह बताने के लिए कि लाखों भारतीय नौकरी से निकालकर फेंक नहीं दिए जाएंगे। और भारत वॉलमार्ट या टेस्को का उपनिवेश

क्या आपको पता है, आपकी जानकारी व अनुमति के बगैर आपका मोबाइल फोन न केवल हैक कर उससे की गई बातचीत व एसएमएस की जानकारी ली जा सकती है बल्कि उससे फोन काल व एसएमएस भी किए जा सकते हैं। और तो और इसके लिए हैकर्स को आपके फोन को हाथ लगाने की भी जरूरत नही पड़ेगी। हैकर्स सात समुंदर पार बैठकर भी भारतीय मोबाइल फोन धारकों के फोन व नंबर को मनचाहे तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। अफसोस कि ऐसी स्थिति किसी नई तकनीकी के अविष्कार की वजह से नहीं बल्कि मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों की लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है। पणजी में साईबर विशेषज्ञों के एक दल ने सर्विस आपरेटरों के सुरक्षित सेवा प्रदान करने