मैच फिक्सिंग

पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जस्टिस मुकुल मुदगल ने आइपीएल फिक्सिंग मामले की जांच की। इस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आरएम लोढा की समिति का गठन किया। लोढा समिति भी सिफारिशें सौंप चुकी है। देखने वाली बात होगी कि बीसीसीआइ किस तरह सफाई प्रक्रिया शुरू करता है।
 

 

हाल ही में स्पॉट फिक्सिंग ने सुर्खियों में रहने लायक सब कुछ किया - पैसा, सेक्स, अनैतिक व्यवहार, गैम्बलिंग यहां तक कि तौलिया दिखाना। जल्द ही यह कहानी भारतीय मूल्यों के गिरने और खिलाडिय़ों के लालच की बन गई। पुरानी यादों केविशेषज्ञों ने उस समय को याद कर अफसोस जताया जब क्रिकेट एक जेंटलमैन्स गेम था। कुछ ने आईपीएल को दोष दिया, बाकी ने कहा ये तो बस कुछ सड़े अंडे हैं। बहुत भोला-सा अलग-सा सुझाव आया बीसीसीआई को सख्त होना पड़ेगा और खिलाडिय़ों को नियंत्रण में रखना होगा।

 

जैसा चलन चल पड़ा है कि कहीं से कोई सुर्रा उठ जाने पर हम उससे जुड़ी हर चीज, हर व्यवस्था, सरकार, देश और समूची दुनिया को भ्रष्ट बताने लगते हैं, उसी तरह आईपीएल में फिक्सिंग का मामला एक बार फिर उभर आने के बाद इस पूरे टूर्नामेंट, लीग और देश के समूचे क्रिकेट सरंजाम को ही कूड़ेदान में डालने पर उतावले न हो जाएं।