मैं हिंदी हूं

मैं हिंदी हूँ, मैं भाषा हूँ। मैं राष्ट्रगौरव की अभिलाषा हूँ।।
मैं सज्जा हूँ, मैं जीवन हूँ। मैं भावों का दर्पण हूँ।।
मैं अमृत हूँ, मैं संगत हूँ। मैं प्रेम की चिर यौवन हूँ।।
मैं हिंदी हूँ, मैं भाषा हूँ। मैं राष्ट्रगौरव की अभिलाषा हूँ।।

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