मुनाफे

अरविंद केजरीवाल ऐसे खामोश, मगर चतुर कार्यकर्ता हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार और घोटालों पर से पर्दा उठाने का बीड़ा उठा रखा है। उनके विरोधी इस बात से खुश हैं कि कम से कम अभी तो देश में केजरीवाल की आंधी नहीं चल रही है और 2014 के आम चुनाव से पहले भी ऐसे हालात पैदा होने की गुंजाइश कम ही है। मगर गठबंधन सरकार के इस दौर में अक्सर छोटी पार्टियां सरकार पर भारी दबाव पैदा कर देती हैं। ऐसे में आर्थिक मामलों पर केजरीवाल की राय क्या है, यह जानने का समय आ गया है। बिजनेस स्टैंडर्ड में मेरी सहकर्मी ने कई दफा केजरीवाल का साक्षात्कार लिया है। वह अक्सर उन्हें ऐसे मसलों पर बोलने के लिए उक

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