ब्रिटेन

मुक्त व्यापार ने अपना प्रभाव ब्रिटिश कालीन भारत में भी छोड़ा। अंग्रेजों ने प्रथम विश्व युद्ध शुरू होने से पूर्व तक, सन 1914 तक, मुक्त बाजार-अर्थव्यवस्था को संचालित किया। सन 1914 में भारत, ब्रिटिश कपड़े की अपेक्षा, ब्रिटिश कपड़ा बनाने वाली मशीनों का सबसे बड़ा आयातक देश था। इस प्रकार भारत इंग्लैंड से आयातित मशीनों से उत्पादन कर कपड़े का बड़ा निर्माता बन रहा था।

- शिक्षा, सुरक्षा और असंगत कर प्रणाली के कारण ब्रिटेन सहित अन्य देशों में पलायन करने को मजबूर हो रहे लोग
 
- प्रतिदिन 12 लोग छोड़ रहे हैं देश, सबसे ज्यादा पलायन वाले देशों में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान
 

यह बात हम भारतीयों को शायद ही हजम हो कि अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पर ब्रिटेन में भारी जुर्माना लगाया गया। वह लंदन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आई थीं, लेकिन उनके सुरक्षाकर्मी 3.30 पाउंड का पार्किंग टिकट खरीदना भूल गए और गाड़ी को बिना फीस दिए ही पार्क कर दिया। इस पर वहां के ट्रैफिक वॉर्डन ने उनकी गाड़ी पर 80 पाउंड जुर्माने का नोटिस चिपका दिया। हिलेरी के बॉडीगार्ड चिल्लाते रहे लेकिन वॉर्डन पर कोई असर नहीं पड़ा। ऐसी ही एक और घटना है। एक स्वीडिश पूंजीपति फिनलैंड में तय गति सीमा से ज्यादा तेज गाड़ी चला रहे थे। पकड़े गए। फिनलैंड में जो जितना ज्