फिच

प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्रालय का कामकाज छोड़ दिया है और इसके साथ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर यह जिम्मेदारी आ गई है कि वह अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकें। स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स की खराब रेटिंग के बाद एक और रेटिंग एजेंसी फिच द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था और सरकार के कामकाम को लेकर जब नकारात्मक रेटिंग दी गई तो इसे लेकर काफी हो-हल्ला मचा और केंद्र सरकार ने यह कहकर बचाव किया कि यह तात्कालिक नजरिये का परिणाम है। भारतीय अर्थव्यवस्था का आधारभूत ढांचा काफी मजबूत है और भारत उच्च विकास दर की पटरी पर वापस लौट आएगा, जैसा कि वर्ष 2008 की मंदी के बाद हुआ था। कहने का आशय यही था ये रेटिंग