प्राकृतिक यौन संबंध

17 दिसंबर के अंक में प्रकाशित अपने लेख में फौजिया रियाज ने मांग की है कि धारा 377 को खत्म कर देना चाहिए। होमोसेक्सुअलिटी पर सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के बाद देशभर में इसको लेकर बहस छिड़ी हुई है। मामला सेक्सुअलिटी से जुड़ा हो तो लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धारा 377 में आपसी सहमति से बनाए जाने वाले समलैंगिक संबंध को भी जुर्म माना गया है। फिलहाल यह धारा वैलिड है, इसलिए यह जुर्म है। ऐसे में समलैंगिकता का समर्थन करने वालों की यह मांग तर्कसंगत लग सकती है कि इस धारा को ही खत्म कर दिया जाए। लेकिन इस मामले में भीड़ का