पवन बंसल

महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों का केवल व्यक्तिगत तौर पर ईमानदार होना पर्याप्त नहीं, यह एक बार फिर साबित हो रहा है रक्षामंत्री एके एंटनी की नाकामी से। वह चौतरफा नाकामियों से घिरे हैं। खराब बात यह है कि वह न तो रक्षा सामग्री की खरीद में घपले-घोटाले रोक पा रहे हैं और न ही सेनाओं के आधुनिकीकरण को गति दे पा रहे हैं। इससे भी खराब बात यह है कि उनके कार्यकाल में भारतीय सेनाएं दिन-प्रतिदिन दुर्बलता की ओर बढ़ती दिख रही हैं। न तो थल सेना की जरूरतें पूरी हो पा रही हैं, न वायु सेना की और न ही नौसेना की। जब उन पर सवाल उठते हैं तो उनके समर्थक-शुभचिंतक उनकी ईमानदारी का उल्लेख क

बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी? 

रिश्वत कांड में आरोपी पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल द्वारा जारी विवाद से मुक्ति पाने के लिए बकरे की पूजा करने की खबर आने पर कार्टूनिस्ट पवन द्वारा अपने कार्टून के माध्यम से किया गया कटाक्ष बिल्कुल सटीक बैठता है...।

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