नोट छापना

पिछले तीन वर्षों से हमारी अर्थव्यवस्था संकट में है। विकास दर लगातार गिर रही है, महंगाई बढ़ती जा रही है और रुपया टूट रहा है। इन सभी समस्याओं की जड़ में कुशासन ही दिखाई देता है। महंगाई बढ़ने का कारण है सरकार द्वारा अपने राजस्व का लीकेज किया जाना। जैसे सरकार का राजस्व एक करोड़ रुपया हो और उसमें 20 लाख रुपये का रिसाव करके अफसरों और नेताओं ने सोना खरीद लिया हो। अब सरकार के पास वेतन आदि देने के लिए रकम नहीं बची। ये खर्चे पूरे करने के लिए सरकार ने बाजार से कर्ज लिए।

चिदंबरम की ओपन बजट की पहल कामयाब हुई है, अब क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां भारत को धमका नहीं सकतीं

कभी बजट प्रस्तावों को टॉप सीक्रेट रखने का चलन था। वित्त मंत्री महीनों पहले से बजट मामलों पर चुप्पी साध लेते थे। लेकिन अब समय बदल गया है। आज बजट प्रस्ताव अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां बन जाते हैं। देश के वित्त मंत्री पी. चिदंबरम दुनियां भर के देशों के सामने बजट की बानगी पेश कर रहे हैं। पहले उन्होंने देश को बजट प्रस्तावों की झलक दिखाई। अब वह ग्लोबल मंच पर भारत के आगामी बजट की झलकियां दिखा रहे हैं।

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर