नोकिया

खुदरा व्यापार में 51 फीसदी विदेशी निवेश के मुद्दे पर ‘संसद से सड़क तक’ घमासान छिड़ने और काफी जद्दोजहद के बाद नियम 184 के तहत संसद में बहस और वोटिंग के बाद विदेशी खिलाड़ियों के लिए देश में रिटेल स्टोर खोलने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि विदेशी निवेश के नफा-नुकसान को लेकर लोगों के मन में अब भी संशय बना हुआ है। उधर, वॉलमार्ट द्वारा भारत में विदेशी निवेश के पक्ष में समर्थन हासिल करने के लिए की गई लॉबिंग और इस मद में खर्चे गए सवा सौ करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि ने एक नए बहस को हवा दे दी है। एफडीआई के इन्हीं मसलों पर भारत के पहले उदारवादी वे

Author: 
आलोक पुराणिक