निजी स्कूल

इलाहाबाद में इन दिनों महाकुंभ मेले की धूम मची है। महाकुंभ में स्नान कर अपने सभी दुखों से निवारण करने की चाह में देशभर के लोग अपने अपने काम-धंधे और रोजगार से छुट्टी लेकर यहां महीने भर डेरा जमाए रहते हैं। अल सुबह से ही संगम के तीरे डेरा डाले रहने के बावजूद त्रिवेणी के संगम स्थल पर मन भरकर डुबकी लगाने की इच्छा कुछेक लोगों को ही प्राप्त होता है। बाकी बस किसी प्रकार दूर किनारे से ही डुबकी लगा अपने को तृप्त मान लेते हैं।

दिल्ली के निजी व महंगे स्कूलों द्वारा अब पड़ोस के आर्थिक रूप से कमजोर व पिछड़ी जाति के छात्रों को निशुल्क दाखिला देने से इंकार करना संभव नहीं हो सकेगा। जी हां, पड़ोस के निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिले की चाह रखने वाले गरीब व पिछड़ी जाति के छात्रों के अभिभावकों को अब पर्याप्त जानकारी के अभाव में भ्रमित करना और नियम और शर्तों का हवाला देते हुए स्कूल में भर्ती करने में आनाकानी बरतना महंगा साबित होने वाला है। दिल्ली सरकार व शिक्षा निदेशालय द्वारा पहले से ही अपनाए गए कड़े रुख के क्रम में अब दिल्ली नगर निगम ने भी आस्तीनें चढ़ा ली हैं। यहां तक कि एमसीडी ने अपने अधीन क्षेत्रों में

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