निजी प्रयास

जाने माने अर्थशास्त्री व स्तंभकार गुरचरन दास ने देश में शहरी विकास का पर्याय बन चुके गुड़गांव शहर की वर्तमान तस्वीर के लिए निजी प्रयासों को जिम्मेदार बताते हुए उद्यमियों और उद्योगपतियों के प्रयासों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने विकास के इस क्रम को अपनी नई किताब “इंडिया ग्रोज एट नाइट” में बतौर अध्याय शामिल करते हुए देश में निजी प्रयासों के तहत विकास की अवधारणा की जरूरत पर बल दिया है। किताब में फरीदाबाद व गुड़गांव के विकास की तुलनात्मक विवेचना करते हुए गुरचरण ने कहा है कि कुछ दशक पूर्व तक गुड़गांव उजाड़ और विकास से कोसो दूर छोटा सा शहर हु

वॉशिंगटन डीसी में भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु एक सच बात कह गए। उन्होंने वहां उपस्थित अपने श्रोताओं से कहा कि उनकी सरकार की निर्णय क्षमता पंगु हो चुकी है और २०१४ के चुनावों तक किसी तरह के सुधारों की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। अलबत्ता, बाद में उन्होंने इस बयान का खंडन किया, क्योंकि इससे उन्हीं की सरकार की फजीहत हो रही थी, लेकिन सच्चाई तो यही है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा, जो भारत में पिछले दो सालों से नहीं कहा जा रहा था। वॉशिंगटन में बसु के श्रोता हैरान थे कि भारत जैसा जीवंत लोकतंत्र, जो एक उभरती हुई आर्थिक ताकत है और जिसकी सिविल सोसायटी ऊर्जावान है, की स

Author: 
गुरचरण दास