दोषी कौन

संस्कृति का प्रभाव होता है या व्यवस्था का यह तय करने के लिए किसी समाजशास्त्रीय ,मनोविज्ञानीय,समाजशास्त्रीय या अर्थशास्त्रीय सिद्धांत को स्थापित कर पाना मुश्किल है। यह कह पाना मुश्किल है कि संस्कृति या व्यवस्था लोगों जिनमें शासक और शासित दोनों ही शामिल है की रोजमर्रा की गतिविधियों को किस हद तक प्रभावित करती है। संस्कृति और व्यवस्था दोनों ही गतिशील होते हैं।वे लगातार विकसित होते हैं,अंतर्क्रिया करते हैं ।दोनों ही मानवीय कर्म की उपज हैं । व्यवस्था उन लोगों की संस्कृति से प्रभावित होती है जो उसे बनाते हैं। लेकिन व्यवस्था भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि किस तरह की संस्कृति व