तेजी

इतिहास में यह पहला मौका है जब दुनिया की 50 फीसदी से अधिक आबादी शहरों और कस्बों में निवास कर रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि भारत में यह ऐतिहासिक बदलाव कब आएगा?