तकनीकी

टमाटर और प्याज समेत खाद्य पदार्थो की बेतहासा बढ़ती कीमतों को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं, परंतु लोग भूल रहे हैं कि कुल मिलाकर कृषि उत्पादों का आयात-निर्यात उपभोक्ताओं के हित में है। देश में खाद्य तेल और दाल की उत्पादन लागत ज्यादा आती है। इनका भारी मात्र में आयात हो रहा है, जिनके कारण इनके दाम नियंत्रण में हैं। यदि हम विश्व बाजार से जुड़ते हैं तो हमें टमाटर, प्याज के दाम ज्यादा देने होंगे, जबकि तेल और दाल में राहत मिलेगी। मेरी समझ से उपभोक्ता के लिए तेल और दाल ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अत: टमाटर और प्याज के ऊंचे दाम को वहन करना चाहिए।

दिल्‍ली गैंग रेप के बाद कोई भारत-इंडिया में भेद को इसका कारण बता रहा है, कोई बॉलिवुड को गाली दे रहा है, कोई अश्‍लीलता तो कोई महिलाओं के कपड़े और उसकी जीवनशैली पर ऊंगली उठा रहा है, कोई पश्चिमीकरण को इसका दोषी ठहरा रहा है, कई खुद को महिला स्‍वतंत्रता के पैरोकार साबित करने में जुटे हैं। सच तो यह है कि अभी ये खुद ही समकालीन मनुष्‍य नहीं हैं। आइए जानते हैं इस सदी के प्रबुद्ध चेतना ओशो समकालीन मनुष्‍य किसे मानते हैं....