तकनीक

पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल द्वारा हाल ही में पाकिस्तानी टेक्सटाइल उद्यमियों को भारत में व्यापार करने के लिए आमंत्रित क्या किया गया, तथाकथित देशभक्त आर्थिक विशेषज्ञों और मीडिया के एक धड़े ने उनकी ऐसी आलोचना शुरू कर दी जैसे बादल ने पाकिस्तानियों को व्यापार करने की बजाए देशी टेक्सटाइल कंपनियों को बंद करने का हुक्म सुना दिया हो।

अप्रैल 2012 से देश में लागू हो चुकी बारहवीं पंचवर्षीय योजना में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निजी सरकारी साझेदारी के तहत सुधार की संभावनाएं तलाशने की योजना को कम्प्यूटरीकरण के बाद स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े क्रांतिकारी पहल के तौर पर देखा जाना चाहिए। इससे न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधारात्मक प्रयासों को बल मिलेगा बल्कि देश की मेधा को वांछित स्वरूप भी प्राप्त होगा। देखा जाए तो आजादी के बाद देश ने रक्षा और तकनीकी क्षेत्र में तो काफी विकास किया लेकिन स्वास्थ्य व शिक्षा के मामले यह फिसड्डी ही रहा। रक्षा के क्षेत्र में विकास तो भारी भरकम बजट