तंगनजरी

राष्ट्रपति के साहबजादे अभिजीत मुखर्जी का बयान आया, जिसमें उन्होंने इंडिया गेट पर बैठी महिला प्रदर्शनकारियों को इन शब्दों में जलील करने की कोशिश की, ‘मेरी नजरों में ये रंगी हुई (लिपिस्टिक से), घिसी हुई औरतें कॉलेज की छात्राएं बिल्कुल नहीं हो सकतीं।’ यह कह कर वे खुद जलील हुए। लेकिन उनके बयान से कई सवाल पैदा होते हैं, जो मैं अपने आपसे पूछती रही हूं जब से प्रदर्शन शुरू हुए इंडिया गेट पर उस बच्ची के बलात्कार को लेकर।