डिक्की

दलित इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) की ओर से बीते 6 जून को एक नया वेंचर कैपिटल फंड शुरू किया गया। इस फंड का मकसद है दलितों और आदिवासियों द्वारा चलाई जा रही कंपनियों में निवेश के लिए निवेशकों से 500 करोड़ रुपये जुटाना। कृपया इस पहल को सकारात्मक कार्रवाई (अफर्मेटिव एक्शन) के नाम पर उठाए गए एक और सदाशयी कदम की तरह न देखें।

दलित चिंतक चंद्रभान प्रसाद का स्पष्ट रूप से मानना है कि दलितों का जितना भला पूंजीवाद ने किया है उतना किसी अन्य विभूति द्वारा नहीं किया जा सका है। चंद्रभान प्रसाद का यह भी मानना है कि आजा बाजार जाति और मार्क्स से बड़ा हो चुका है। उनका कहना है कि वैश्वीकरण के साथ भारत में एडम स्मिथ का प्रवेश हुआ जिन्होंने मनु को चुनौती दी। यह बाजार है जहां आपकी जाति नहीं बल्कि आपकी उपयोगिता का सम्मान होता है। उन्होंने ये बातें इंडियन एक्सप्रेस के मुख्य संपादक शेखर गुप्ता को दिए एक साक्षात्कार के दौरान कही। पूरे साक्षात्कार को हूबहू नीचे पढ़ा जा सकता है...